इंटरनेट से कमाओ

( पैसा कमाने का आसान और बेहतरीन तरीका )

दोस्तों आज मैं आपको अपनी आपबीती के बारे में बताने जा रहा हूं यह सन 2001 की बात है जब मैं सेना की भर्ती देखने के लिए जबलपुर गया हुआ था जैसे ही मैं जबलपुर रेलवे स्टेशन से बाहर निकला और रात्रि विश्राम के लिए रेलवे स्टेशन के नजदीक ही बाई तरफ कमरा देखने के लिए जाने लगा मैं आपको बता देना चाहता हूँ, जैसे ही आप जबलपुर से निकलेंगे तो रेलवे स्टेशन के बायीं बाएं तरफ ढलान है जैसे मैं वहां धीरे-धीरे जा रहा था तो एक साइकिल वाला मेरे पास से गुजर गया और उसकी जेब से एक लाल रंग की पुड़िया निकल कर नीचे गिर गई मैंने उस पर इतना ध्यान नहीं दिया तभी मेरे पास से एक आदमी गुजरा और उसने उस पुड़िया को उठाया और मुझे दिखाया और कहा अरे यह लाल रंग की पुड़िया में तो किसी सुनार का सामान लगता है और उसने उसको खोल कर देखा तो उसके अंदर सोने की एक झिलमिलाती हुई बिल्कुल नई चैन थी वह सोने की चैन थी या नहीं यह तो मैं नहीं कह सकता क्यों लेकिन वह पीले रंग की थी और काफी चमक रही थी इसलिए मुझे लगा कि वह सोने की चैन है और जो बंदा था उसने मुझे बोला कि देखिए उस साइकिल वाले की यह चैन गिर गई है और यह सोने की है और उस समय 2001 में सोने की कीमत ₹5000 तोला हुआ करती थी और वह तकरीबन दो या तीन तोले की रही होगी तो वह मेरे से बोला कि मेरे तो ये किसी काम की नहीं है आप ले लो आपकी माताजी या बहन को दे देना बहुत खुश होंगी इसलिए आप मुझे बस ₹2000 दे दीजिए और यह सोने की चेन आप ले लीजिए आपके घर पर किसी को काम आएगी ,आप चाहो तो किसी सुनार को बेचकर अच्छे पैसे भी ले सकते हो ,मैं घर से मात्र ₹1000 लेकर चला था उस समय ₹1000 भी बहुत हुआ करते थे ₹100 ट्रेन का टिकट था जो मैं दे चुका था मेरे पास ₹900 बचे थे उसमें से मुझे वापस भी आना था और मुझे जबलपुर में भर्ती के लिए रुकना भी था और दो-तीन दिन रुक कर खाना भी खाना था तो मैंने कहा भाई मेरे पास तो इतने रुपए है नहीं आप एक काम करो यह सोने की चेन आप ही रख लो या उस बेचारे साइकिल वाले को दे देना अब हम इतनी बात कर ही रहे थे कि वह साइकिल वाला परेशान सा वापस आते हुए मुझे दिखाई दिया और वह हमारे पास आकर हमसे बोला अरे भाई साहब यहां मेरी मां की सोने की चैन गिर गई है मैं उसको सुनार से लेकर अभी आ रहा हूं और वह नई सोने की चेन थी ,मैं ने बनवाई थी 4 तोला की और वह रास्ते में कहीं गिर गई है क्या आपको मिली क्या तो जो मेरे साथ वाला बंदा था उसने मुझे इशारा किया कि मैं मना कर दूं लेकिन मैंने सोचा बेचारे को नुकसान हो जाएगा और तो मैंने कहा भाई ये जो मेरे साथ में चल रहा है इसके पास है आपकी मां की सोने की चैन और आप ले लीजिए तो उसने वो सोने की चेन ले ली और मुझे बहुत बहुत धन्यवाद दिया और चला गया मैं वहीं पर थोड़ी देर रुक गया, मैं पास की चाय की दुकान पर ये पूछने के लिए रुक गया की क्या यहाँ नजदीक एक दो रात रुकने के लिए कमरा मिल सकता है , तभी मेरी नजर सड़क पर गयी और देखा की जो आदमी मेरे साथ चल रहा था और जो आदमी साइकिल पर था , वह उस साइकिल वाले की साइकिल पर पीछे बैठा हुआ है और दोनों हँसते हुए जा रहे है और कुछ बात कर रहे है , तब मेरा माथा ठनका और मेरा दिमाग में पूरी पिछला दृश्य दुबारा से घूम गया और मैंने सोचा कि आज मैं लालच में नहीं आया नहीं तो मैं बुरी तरह फस जाता और ₹2000 तो मेरे पास था ही नहीं ₹900 ही थे और उनसे मुझे वापस भी जाना था तो मैंने भगवान का बहुत-बहुत धन्यवाद दिया कि मेरे पॉकेट में 900 ही बचे थे और मैंने उनको अपने वापस जाने के लिए रख लिया और मैंने सोने की चैन नहीं ली क्योंकि वह सोने की चैन मुझे पहले ही नकली लग रही थी और जब उनको मैंने साथ में हंसते हुए जाते हुए देखा तो मैं समझ गया कि यह उनका पहले से तैयार किया हुआ ठगी का प्लान था जिसमें मैं फंसने से बच गया तो यह दोस्तों थी मेरी आपबीती यदि आप की भी कोई आपबीती है तो आप जरूर लिखें आप मुझे मेल कर सकते हैं तो मैं आपकी आपबीती अपने वेबसाइट पर पोस्ट करूंगा या आप चाहें तो मुझे रिकॉर्डिंग भी भेज सकते हैं।

मेल आईडी prithvi32gurjar@gmail.com है .

धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *